संकल्पी Intentional violence

 

 

संकल्पात्कृतकारित, मननाद्योगत्रयस्य चरसत्त्वान्।
न हिनस्ति यत्तदाहु: स्थूलवधाद्विरमणं निपुणा:॥५३॥RKS

 

संकल्पित हिंसा करता नहीं, मन, वचन और काय।
न कारित न अनुमोदना, अहिंसाव्रत कहलाय॥३.७.५३॥

 

जो मन वचन व काय से संकल्पित हिंसा न करता है, न कराता है और न ही अनुमोदना करता हैं उसे गणधर देव स्थूल हिंसा से विरक्त अणुव्रत कहते हैं।

 

Ahimsa anuvrat is avoiding intentional violence by mind, words and actions and neither they do, nor get it done nor approves.