देशविरति व्रत के अतिचार Violation of Partial Renunciation

 

 

आनयनप्रेष्यप्रयोगशब्दरूपानुपातपुद्गलक्षेपा:॥३१॥TS

 

मंगाये व भेजे किसे, शब्द संकेत आचार।
वस्तु से आकर्षित करे, देशव्रत अतिचार ॥७.३१.२६७॥

 

 

देशव्रत के पाँच अतिचार:

१। आनयन – मर्यादा के बाहर की वस्तु मंगाना

२। प्रेष्यप्रयोग- मर्यादा के बाहर किसी को भेजकर काम कराना

३। शब्दानुपात- आवाज़ से मर्यादा के बाहर अपनी बात को समझाना

४। रूपानुपात- अपनी भावभंगिमा से मर्यादा के बाहर अपनी बात समझाना

५। पुद्गलक्षेपा:- मर्यादा के बाहर कंकर आदि फेंककर अपना काम कर लेना

 

 

5 violations of partial renunciation are as follow:

  • Calling something from outside the limits set.
  • Commanding someone for outside the limits set
  • Using sound for outside the limits set
  • Using body language for outside limit set
  • Using some thing out of limits set.

 

वय-भंग-कारणं होइ, जम्मि देसम्मि तत्थ णियमेण।
क्ीरइ गमण-णियत्ती, तं जाण गुणव्वयं विदियं।।२॰।।SSu

 

कारण जो व्रत भंग  बने, देश नही प्रस्थान।
देश अवकाश व्रत यही, दूजा गुणव्रत जान॥२.२३.२०.३२०॥

 

जिस देश मे जाने से किसी भी व्रत का भंग होता हो या उसमे दोष लगता हो, उस देश मे जाने की नियमपूर्वक निवृत्ति देशावकाशिक नामक दूसरा गुणव्रत है।

 

Know that the second Gunavrata (desavakasika gunavrata) is not to visit any particular geographical region where there is possibility of violation of an accepted vow (i. e. to cross the fixed regional boundaries for the purpose of sensuous enjoyment). (320)