स्याद्वाद Relativism

 

णियम-णिसहेण-सीलो, णिपाद्णादो य जो हु खलु सिद्दो।
सो सियसद्दो भणिओ, जो सावेक्खं पसाहेदि।।२।।SSu

 

नियम को नहीं मानता, करता सिद्ध  विरोध।
‘स्यात’ का मतलब यही, सिद्ध करता बोध॥॥४.४०.२.७१५॥

 

जो सदा नियम का निषेध करता है उस शब्द को स्यात् कहा गया है। यह वस्तु को सापेक्ष सिद्ध करती है।

 

The word “syat” always negates (denies) the rule and us accomplished (siddha) in the shape of a full (Nipata). This word proves and object to be related one (Sapeksha). (715)

 

सत्तेव हंति भंगा, पमाण-णय-दुणय-भेद-जुत्ता वि।
सिय सावेक्खं पमाणं, णएण णय दुणय णिरवेक्खा।।३।।SSu

 

सात अंग है स्यात् के, नय, दुर्नय, प्रमाण।
नय, प्रमाण सापेक्ष है, विरुद्ध दुर्नय  जाण॥४.४०.३.७१६॥

 

स्यात् लगाकर कथन करना स्याद्वाद का लक्षण है। इसके ७ भंग है। स्यात् सापेक्ष भंगों को प्रमाण कहते है। नय युक्त भंगों के नय कहते है और निरपेक्ष भंगों को दुर्नय।

 

The characteristic of syadavada is the use of the word of ‘syat’ (i.e. related to/in relation of) after every sentence (or pharse) in support of the relativity of many facet object (Anika-Dharma-vastu/soul having many attributes). In this (nyaya) there are seven view points of speech due to the classification (division) of pramana (Authority/knowledge) naya (stand-points) and Durnaya (Bad stand point). The relative stand points (view points) are called pramanas (Authority). The view points associated with nayas and unrelated view points are called Durnayas (bad stand points). (716)

 

अत्थि त्ति णत्थि दो विय, अव्वत्तव्वं सिएण संजुत्तं।
अव्वत्तव्वा ते तह, पमाणभंगी सुणायव्वा।।४।।SSu

 

है, नहीं, और पता नही, स्यात् जुड़ता साथ।
अस्ति, नास्ति, अवक्तव्य, खंड प्रमाण  है सात॥४.४०.४.७१७॥

 

स्यात् अस्ति, स्यात् नास्ति, स्यात् अस्ति नास्ति, स्यात् अवक्तव्य, स्यात् अस्ति अवक्तव्य, स्यात् नास्ति अवक्तव्य, स्यात् अस्तिनास्ति अवक्तव्य, इन्हें प्रमाण सप्तभंगी जानना चाहिये।

 

The authority of the point of view of speech of seven kinds (The pramana saptabhangi) consists of the point of view of seven kinds: 
1. Relatively is;
2. Relatively is not;
3. Relatively is and is not;
4. Relatively is inexpressible;
5. Relatively is and is inexpressible;
6. Relatively is not and is inexpressible; and
7. Relatively is, and is not and is inexpressible. (717)