सत्याणुव्रत के अतिचार Violation of Vow of Truthfulness

 

 

मिथ्योपदेशरहोभ्याख्यानकूटलेखक्रियान्यासापहारसाकारमन्त्रभेदा:॥२६॥TS

 

मिथ्या वचन अफ़वाह भी, त्रुटिलेखन अतिचार।
धरोहर हड़पना नहीं, भेद गुप्त ही सार॥७.२६.२६२॥

 

सत्याणुव्रत के पाँच अतिचार:

१। मिथ्या उपदेश

२। रहोभ्याखान- किसी युगल को देख कर अन्यथा सोचना

३। त्रुटिपूर्ण लेखन करना

४। न्यासापहार- किसी की धरोहर को नहीं हड़पना

५। साकारमन्त्र भेद- किसी के गुप्त भेद को खोल देना

 

Five violations of truthfulness vow:

  • Wrong teaching
  • Assumed wrong talk about couple
  • Forge writing
  • Misappropriation

Proclaiming others thoughts

 

परिवादरहोभ्याख्यापैशुन्यं कूटलेखकरणं च।
न्यासापहारितापि च व्यतिक्रमा: पंच सत्यस्य ॥५६॥

 

न दोष न रहस्य खोलना, झूठ लेख परिहार।
धरोहर हड़पता नहीं, सत्याणुव्रत अतिचार॥३.१०.५६॥RKS

 

सत्याणुव्रत के पाँच अतिचार हैं दोषारोपण, रहस्य खोलना, चुगलखोरी, झूठ लेखन व धरोहर को हड़पना।

 

Five violations of satyanuvrat are as follow: false accusation, revealing secrets, backbiting, false writings and lying when one ask for his things.