व्रत Vows

 

व्रती के प्रकार Types of Votaries
–  व्रत Vows
 अन्य अणुव्रत Additional vows for householder
–  व्रत के शल्य Stings of Vows
–  संलेखना passionless death

 

हिंसानृतस्तेयाब्रह्मपरिग्रहेभ्यो विरतिर्व्रतम्॥१॥TS

 

पाप से जो रहित करे, व्रत है उसका नाम।
हिंसा झूठ चोरी करे, कुशील परिग्रह काम॥७.१.२३७॥

 

हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील व परिग्रह इन पाँच पापो से रहित होना व्रत है।

 

Be free from five sins such as violence, lies, stealing, bad character and possessions is observing vows.

 

हिंसानृतचौर्य्येभ्यो, मैथुनसेवापरिग्रहाभ्यां च।
पापप्रणालिकाभ्यो, विरति: संज्ञस्य चारित्रम् ॥४९॥RKS

 

हिंसा, झूठ, चोरी करे, कुशील परिग्रह पाप।
विरक्ति जो इन पाप से, सम्यक् चारित्र आप॥३.३.४९॥

 

सम्यग्ज्ञानी पाप से बचने के लिये हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील व परिग्रह से विरक्त रहकर चारित्र का पालन करता हैं।

 

A person with right knowledge stops violence, untruthfulness, stealing, unchastity and attachment to possessions and indulge in right conduct.

 

गृहिणां त्रेधा तिष्ठत्युण गुण शिक्षाव्रतात्मकं चरणं।
पंचत्रिचतुर्भेदं त्रयं यथासंख्य माख्यातम्॥५१॥RKS

 

व्रत अणु, गुण और शिक्षा, गृहस्थ चरण संसार।
क्रम से इनके भेद है, पाँच तीन व चार॥३.५.५१॥

 

गृहस्थों का चारित्र अणुव्रत, गुण व्रत व शिक्षाव्रत क्रमश: पाँच, तीन व चार भेदरुप कहा गया हैं।

 

The conduct prescribed for householders is five types of anuvrat, three types of gunavrat and four types of shikshavrat.